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विश्व आर्थराइटिस दिवस: क्या है गठिया, किसे हो सकता है और क्या आती हैं इलाज में समस्याएं...

World Arthritis Day 2018: मेथोट्रेक्जेट के इस्तेमाल से तेजी से सूजन घटता है, जो शुरुआती रुमेटोइड गठिया के इलाज का जरूरी लक्ष्य है.

विश्व आर्थराइटिस दिवस: क्या है गठिया, किसे हो सकता है और क्या आती हैं इलाज में समस्याएं...

World Arthritis Day 2018: ज्यादा मोटापा होने से महिलाओं में सुधार नहीं होने की संभावना दोगुनी हो जाती है.

World Arthritis Day In Hindi: रुमेटाइड गठिया एक पुरानी सूजन की बीमारी है, जो किसी के जोड़ों को प्रभावित करती है. इससे जोड़ों में दर्द होता है और चलने में मुश्किल होती है. गठिया (Arthritis in Hindi) में शरीर में रोगों से लड़ने वाला तंत्र अपने ही ऊतकों पर हमला करने लगता है. यह जोड़ों को ही नहीं शरीर के आंतरिक अंगों पर भी असर ड़ालता है. रूमेटाइड गठिया का इलाज तकरीबन संभव नहीं है, लेकिन फ़िज़ियोथेरेपी और दवा से इसे बढ़ने से रोका जा सकता है. 

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विश्व आर्थराइटिस दिवस 2018 - World Arthritis Day 2018

 

किसे हो सकता है- What Is Arthritis in Hindi

रुमेटाइड गठिया (Arthritis) किसी को भी हो सकता है. महिलाओं में यह एस्ट्रोजन की कमी के चलते, आयरन, कैल्शियम के ज्यादा होने से भी हो सकता है. इसके अलावा शरीर के मिलने वाले जरूरी तत्वों की कमी, शराब का ज्यादा सेवन, ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याओं और किडनी से जुड़ी परेशानियों के चलते भी रुमेटाइड गठिया (Arthritis)  हो सकता है.

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Arthritis: फ़िज़ियोथेरेपी और दवा से इसे बढ़ने से रोका जा सकता है. 
Photo Credit: iStock

 

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क्या होती हैं समस्याएं - Arthritis symptoms in Hindi

महिलाओं में मोटापा और पुरुषों में धूम्रपान रुमेटोइड गठिया में शुरुआती इलाज के बावजूद सुधार नहीं होने के प्रमुख कारक हो सकते हैं. शोध से पता चलता है कि शुरुआती पहचान व तत्परता से इलाज के जरिए गठिया के नतीजे में सुधार आता है. लेकिन दिशानिर्देशों के अनुसार, देखभाल के बावजूद पहले साल में छह फीसदी महिलाओं व 38 फीसदी पुरुषों में सुधार नहीं होता है.

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कनाडा में मैकगिल विश्वविद्यालय के मेडिसिन के प्रोफेसर सुसान बार्टलेट ने कहा, "हमारा शोध बताता है कि जीवनशैली में बदलाव (पुरुषों में धूम्रपान बंद करना व महिलाओं में वजन में कमी) साथ ही साथ मेथोट्रेक्जेट के इस्तेमाल से तेजी से सूजन घटता है, जो शुरुआती रुमेटोइड गठिया के इलाज का जरूरी लक्ष्य है."


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इस शोध का प्रकाशन एनल्स ऑफ रुमेटिक डिजिजेस नामक पत्रिका में किया गया है. इसमें 1628 वयस्कों को शामिल किया गया, जिनकी औसत आयु 55 साल है.

इसमें विश्लेषण से पता चला कि ज्यादा मोटापा होने से महिलाओं में सुधार नहीं होने की संभावना दोगुनी हो जाती है.

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