आम धारणा के विपरीत, ज्यादातर कमजोर बच्चे आपातकाल का सामना कर रहे देशों की तुलना में एशिया में ज्यादा थे.

यूनिसेफ की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, पांच साल से कम उम्र के प्रत्येक तीन में से एक बच्चा कुपोषण या ज्यादा वजन का शिकार है. इससे दुनियाभर में कुपोषित आहार के परिणामों के प्रति सतर्क कर दिया है. यूनिसेफ ने सोमवार को प्रकाशित रिपोर्ट में चेतावनी दी कि करोड़ों बच्चे अपनी जरूरत से बहुत कम खाना खाते हैं और जिसकी जरूरत नहीं होती है उसे अत्यधिक मात्रा में खाते हैं. रिपोर्ट में कहा गया, "दुनियाभर में बीमारियां फैलने के पीछे अब मुख्य खतरा खराब आहार है."
यूनिसेफ के अनुसार, इनमें से कई बच्चों पर दिमाग के अल्प विकास, याद करने में परेशानी, कमजोर प्रतिरोधक क्षमता और संक्रमण तथा बीमारियों का खतरा है.
Skin Care Tips: इन 6 घरेलू उपायों से चमक जाएगी आपकी स्किन!
इन 4 चीजों से पल में हवा होगी एसिडिटी, यहां हैं घरेलू नुस्खे...
यूनिसेफ के कार्यकारी निदेशक हेनरीटा फोर ने कहा, "बेहतर विकल्प नहीं होने के कारण करोड़ों बच्चे अस्वास्थ्यकर भोजन से ही गुजारा करते हैं." रिपोर्ट में कुपोषण के तीन बोझ बताए- अल्पपोषण, छिपी हुई भूख और अधिक वजन.
यूनिसेफ के आंकड़ों के अनुसार, साल 2018 में दुनियाभर में पांच साल से कम के 14.9 करोड़ बच्चे अविकसित और लगभग पांच करोड़ बच्चे कमजोर थे.
आम धारणा के विपरीत, ज्यादातर कमजोर बच्चे आपातकाल का सामना कर रहे देशों की तुलना में एशिया में ज्यादा थे.
इसके अलावा, पांच साल से कम के 34 करोड़ बच्चे जरूरी विटामिनों और अन्य खनिज पदार्थो की कमी से पीड़ित हैं और चार करोड़ बच्चे मोटापा या ज्यादा वजन से पीड़ित हैं. मोटापा या ज्यादा वजन पिछले कुछ सालों में बच्चों में महामारी के रूप में फैला है.
और खबरों के लिए क्लिक करें.
How to Prevent Pimples: खान-पान और तनाव से बढ़ सकते हैं मुंहासे, यहां पढ़े मुंहासों के घरेलू उपचार
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
NDTV Doctor Hindi से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन और Twitter पर फॉलो करें... साथ ही पाएं सेहत से जुड़ी नई शोध और रिसर्च की खबरें, तंदुरुस्ती से जुड़े फीचर्स, यौन जीवन से जुड़ी समस्याओं के हल, चाइल्ड डेवलपमेंट, मेन्स हेल्थ, वुमन्स हेल्थ, डायबिटीज और हेल्दी लिविंग अपडेट्स.