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International Yoga Day 2021: फेफड़ों और रेस्पिरेटरी सिस्टम को मजबूत करेंगे ये 6 आसन योगासन

International Yoga Day 2021: पूरी दुनिया 21 जून 2021 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रही है. आपको बता दें कि विश्व योग दिवस की शुरुआत तो 21 जून 2015 से हुई थी. फेफड़े और रेस्परेटरी सिस्टम को स्वास्थ्य रखने के लिए आप कुछ योगासन अपना सकते हैं.

International Yoga Day 2021: फेफड़ों और रेस्पिरेटरी सिस्टम को मजबूत करेंगे ये 6 आसन योगासन

Yoga Day 2021: कपालभाति अस्थमा, ब्रान्काइटिस, निमोनिया जैसी बीमारियों में मददगार साबित हो सकता है.

खास बातें

  1. प्राणायाम करने से सिरदर्द और फेफड़ों आराम मिल सकता है.
  2. योग करने से शरीर को कई लाभ मिल सकते हैं.
  3. योग शरीर को स्वस्थ बनाने में मददगार.

International Yoga Day 2021:  पूरी दुनिया 21 जून 2021 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रही है. आपको बता दें कि विश्व योग दिवस की शुरुआत तो 21 जून 2015 से हुई थी. लेकिन योग का इतिहास हज़ारों साल पुराना है. पौराणिक ग्रंथों के अनुसार योग का ज्ञान सबसे पहले सूर्य को ब्रह्मा जी ने दिया था. हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार योग की उत्पत्ति ब्रह्मा जी ने की थी. इसके बाद सूर्य से ये ज्ञान नारद मुनि को मिला और नारद मुनि ने योग का ज्ञान पृथ्वी पर मनु को दिया. इसके बाद पृथ्वी पर धीरे धीरे योग का प्रचार प्रसार हुआ. इस खास मौके पर आप योगासन की कुछ क्रिया को अपनाकर अपने फेफड़े और रेस्पिरेटरी सिस्टम को स्वास्थ्य रख सकते हैं. आइए जानते हैं 6 ऐसे योगासनों के बारे में जो आपके फेफड़ों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं.

ये 6 आसन योगासन फेफड़ों को मजबूत बनाने में मददगारः


1. प्राणायामः

इस योगासन को करने के लिए किसी आरामदायक स्थान पर बैठ जाएं. आंखें बंद कर लें और दोनों नाक से हल्की हल्की लंबी सांस भरें और निकालें. ध्यान यह रखना है कि सांस को भरते और निकालते समय गले की मांसपेशियां सिकुड़ी हुई अवस्था में हों, ऐसी स्थिति में सांस लंबी और गहरी होगी. इसके साथ- साथ सांस लेने और बाहर निकलने की आवाज होगी. गहरी सांस लेने से तनाव और चिंता को कम करने में मदद मिल सकती है, जिन लोगों को सिरदर्द, अस्थमा और माइग्रेन की समस्या है, उनके लिए यह योगासन लाभकारी हो सकता है.

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इस योगासन को करने के लिए किसी आरामदायक स्थान पर बैठ जाएं. आंखें बंद कर लें और दोनों नाक से हल्की हल्की लंबी सांस भरें और निकालें. Photo Credit: iStock

 2. वायु भक्षणः

इस योगासन में वायु भक्षण का अर्थ होता है वायु को मुख के माध्यम से पेट के अंदर लेकर जाना. उसके तुरंत बाद यह वायु डकार के रूप में तत्काल वापस आएगी. वायु निगलते समय कंठ पर जोर पड़ता है तथा अन्न नलिका से होकर वायु पेट तक जाकर पुन: डकार के रूप में आपस लौट आती है. वायु भक्षण क्रिया अन्न नलिका को मजबूत करती है. इससे फेफड़े भी मजबूत होते हैं. यहां पर ध्यान रखने वाली बात यह है कि इस क्रिया को शुद्ध वायु में करें और यदि कंठ में किसी भी प्रकार की समस्या हो तो ना करें. वरना ये आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. 

3. शलभासनः

इस योगासन को करने की लिए किसी आरामदायक स्थान पर पेट के बल लेट जाएं. उसके बाद अब अपने दोनों हाथ को अपने कमर के नीचे रखें. अब अपने सिर को जमीन से ही चिपकाकर रखें. अब पैरों को धीरे- धीरे पीछे की ओर उठाएं. एक संतुलन की स्थिति बनाएं और इसी मुद्रा में करीब 15 सेकंड तक तक रहें. इस योगासन को करने से श्वसन प्रणाली मजबूत होती है और फेफड़े भी सक्रिय रूप से कार्य करते हैं. इससे आपको रेस्पिरेटरी सिस्टम से जुड़ी हुई किसी भी प्रकार की बीमारी का खतरा कम हो सकता है. 

4. कपालभातिः

इस योगासन का नाम तो, आपने कई बार सुना ही होगा, इसको करने के लिए आप किसी आरामदायक स्थान पर ध्यान की मुद्रा में बैठें, आंखें बंद करें एवं संपूर्ण शरीर को ढीला छोड़ दें. दोनों नाक से सांस लें,  उसके बाद पेट को अंदर खींचकर एकदम से छोड़ दें. इस योग की क्रिया को 3 से 5 मिनट तक किया जा सकता है. यह योग शरीर में ऑक्सीजन बढ़ाने के लिए सबसे अच्छा प्राणायाम माना जाता हैं. इसके साथ-साथ कपालभाति वजन कम करने, हार्ट ब्लाकेज की समस्या, टीबी, अस्थमा, ब्रान्काइटिस, निमोनिया जैसी बीमारियों में मददगार साबित हो सकता है.

5. उद्गीथः

इस प्राणायाम को करने के लिए पद्मासन या सुखासन में बैठ जाएं और शांत मन से 'ऊं' के उच्चारण करते है. इससे आपके शरीर में ऑक्सीजन का लेवल बढ़ सकता है.

6. बितिलासनः

सबसे पहले किसी आरामदायक स्थान पर घुटनों और हाथों के बल इस पर बैठ जाएं. अब अपने हाथों के बीच एक से डेढ़ फीट की दूरी रखें और पैरों के बीच एक फीट की दूरी. अपनी गर्दन को धीरे- धीरे ऊपर उठाते हुए आसमान की ओर देखने का प्रयास करें. अब इसी मुद्रा में कम से कम दस से पंद्रह सेकंड तक रहें है. इस योग के जरिए भी फेफड़ों को स्वस्थ बनाया जा सकता है. यह योग मुद्रा होती है, जिसे करने के दौरान आपके शरीर की श्वास नलिकाओं में खिंचाव होता है और यह फेफड़े को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं. 

International Yoga Day 2021: Asanas for Lungs, Breathing Problem | 5 योगासन जो फेफड़े बनाएंगे मजबूत

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

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