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World Breastfeeding Week 2019: एक्‍ट्रेस नेहा धूपिया, समीरा रेड्डी ने स्तनपान के बारे में फैलाई जागरूकता

स्तनपान को बचाने, बढ़ावा देने और इसका समर्थन करने के लिए, विश्व स्तनपान सप्ताह हर साल 1 अगस्त से 7 अगस्त तक मनाया जाता है. अभी हाल ही में दूसरी बार मां बनीं एक्‍ट्रेस समीरा रेड्डी ने स्‍तनपान का समर्थन करते हुए अपनी बेटी नायरा के साथ इंस्टाग्राम पर एक फोटो साझा की है. इतना ही नहीं समीरा ने अपनी पति को एक लंबा संदेश भी लिखा है, जो स्तनपान पर ध्यान आकर्षित करता है.

World Breastfeeding Week 2019: एक्‍ट्रेस नेहा धूपिया, समीरा रेड्डी ने स्तनपान के बारे में फैलाई जागरूकता

समीरा हमेशा से स्तनपान को लेकर मुखर रही है.

एक मां की अपने बच्चे को दूध पिलाने की एक प्राकृतिक प्रक्रिया स्तनपान,  तमाम वर्जनाओं, मिथकों और जागरूकता के अभाव से घिरी हुई है. स्तनपान को बचाने, बढ़ावा देने और इसका समर्थन करने के लिए, विश्व स्तनपान सप्ताह हर साल 1 अगस्त से 7 अगस्त तक मनाया जाता है. अभी हाल ही में दूसरी बार मां बनीं एक्‍ट्रेस समीरा रेड्डी ने स्‍तनपान का समर्थन करते हुए अपनी बेटी नायरा के साथ इंस्टाग्राम पर एक फोटो साझा की है. इतना ही नहीं समीरा ने अपनी पति को एक लंबा संदेश भी लिखा है, जो स्तनपान पर ध्यान आकर्षित करता है.

World Breastfeeding Week 2019: स्तनपान क्‍यों है महत्वपूर्ण है, जानिए महिलाओं के लिए क्‍यों है ये जरूरी

समीरा रेड्डी ने अपने पोस्ट में नए पिता और प्रियजनों को नई मां को सपोर्ट और प्रोत्साहित करने के लिए कहा है. उन्‍होंने लिखा कि एक मां की मनोदशा और मन की स्थिति स्तनपान को प्रभावित कर सकती है. यह बच्चे को पोषण और भोजन देने का एकमात्र तरीका है.


समीरा ने अपने पोस्‍ट में लिखा, 'ये स्‍तनपान सप्‍ताह है. ये पोस्ट आप लोगों को ये बताने के लिए है कि आप नई मां को ब्रेस्टफीड कराने में मदद कर सकते हैं. एक नई मां डिप्रेस, असहज, चिंतित और परेशान हो सकती है और ये सभी चीजें उसकी ब्रेस्टफीडिंग को इफेक्‍ट कर सकती हैं. भले ही ये सब सीधे तौर पर दूध बनने की प्रक्रिया को प्रभावित न करता हो, लेकिन इससे बच्चे पर असर जरूर पड़ेगा. इसलिए हमेशा उसके साथ खड़े रहें.'

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कैप्शन में, समीरा ने कम मिल्‍क प्रोडक्‍शन के कारणों पर बात की और आग्रह किया कि स्तनपान से जूझ रही माताओं को न तो शर्मिंदा होना चाहिए और न ही उनपर किसी भी तरह से दबाव डालना चाहिए.

समीरा ने लिखा, ‘मैं उन माताओं को भी बताना चाहती हूं, जिनका दूध कम बना. इसका कारण पैथोलॉजिकल हो सकता है, जिसमें अंतःस्रावी समस्याएं या अन्य कारक शामिल हैं. कुछ माताओं में शारीरिक रूप से ही दूध कम बनता है. स्तनपान तकनीक और पैटर्न में सुधार होने के बावजूद उत्पादन में वृद्धि नहीं होती है.

जाते-जाते में कहना चाहूंगी ‘हमें सभी माताओं का साथ, रिस्‍पेक्‍ट और उन्‍हें प्‍यार देना चाहिए.'

New dads & loved ones listen up! Its World Breast feeding week and this post is for you to know that you can be the biggest support and encouragement to a new mom! A mother may be depressed, lacking in confidence, worried, or stressed and it affects breastfeeding. These factors do not directly affect her milk production, but can interfere with the way in which she responds to her baby. This can result in the baby taking less milk, and failing to stimulate milk production. So be there for her . ❤️ Understanding the pressure on her physically and emotionally is the best thing you can do. Nothing like feeling loved at such an overwhelming time. ???????? . I would also like to give a shoutout to moms who have struggled with low milk production . This could happen due to a pathological reason including endocrine problems or a host of other factors .A few mothers have a physiological low breast-milk production, for no apparent reason, and production does not increase when the breastfeeding technique and pattern improve. There is no reason to shame them or make them feel any pressure in not being able to BF. we need to support all mothers and show love and respect ????. . #worldbreastfeedingweek2019 . @WABA_global @who @unicefindia

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समीरा हमेशा से स्तनपान को लेकर मुखर रही हैं. इससे पहले जुलाई में भी उन्होंने एक पोस्ट शेयर किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था कि ब्रेस्‍टफीड एक नेचुरल प्रोसेस है. उन्‍होंने कहा, ‘आखिरकार में उसे आराम से फीड करवा रही हूं, लेकिन पूरी प्रक्रिया कुछ ऐसी है, जो स्वाभाविक होनी चाहिए, लेकिन यह बहुत तनावपूर्ण है.'

Day 11 - Happiness galore with no sleep, colic and feeding round the clock ! I think I forgot how stressful breastfeeding can be !! I mean the pressure Is quite real and the whole top feed balance after a csec is hectic! I finally am exclusively feeding her but the whole process is something that should be natural but it's made to be very stressful . I realised with the feedback that a lot of women struggle with it . I think it's cool if a mom wants to move totally to formula or only BF or balance both . There is no shame and no one can define what's the perfect way . We're doing the best we can ! Ladoos to pumps I'm on job but damn it's really quite hard ! ???? . #momlife ???? #hanginginthere #super #happy #tired #thrilled #motherhood #newborn #girl #babygirl #mom #newmom #again #breastfeeding #motherhood #imperfectlyperfect

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समीरा की तरह ही, एक्‍ट्रेस नेहा धूपिया ने भी अपने नए कैपेंन में 'फीडिंग की आजादी' के जरिए इसे समर्थन दिया था. इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए नेहा ने इस अभियान की शुरुआत की थी और लिखा “#freedomtofeed - नेहा धूपिया की एक पहल. चलिए बातचीत शुरू करते हैं... मां होने के नाते हमें #freedomtofeed ... की जरूरत है.

एक वीडियो में, नेहा ने अपनी बेटी मेहर के साथ अपने संबंधों के बारे में बात की और मां बनने के अपने अनुभव के बारे में बताया. बीच-बीच में, उन्‍होंने मेहर के साथ यात्रा का भी जिक्र किया.

‘मेरे लिए सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्‍सों में से एक विशेष रूप से मेहर को छह महीने तक स्तनपान कराना था और अब भी मैंने ऐसा करना जारी रखा है. यह आपको सपोर्ट सिस्‍टम के महत्व और कभी-कभी इसकी कमी का अहसास कराता है. उदाहरण के लिए, मुझे याद है कि मैं एक बार खुद मेहर के साथ फ्लाइट में थी और मुझे पता था कि उसे फीड की आवश्यकता है, क्योंकि वह रो रही थी और एक मां होने के नाते आप जान सकते हैं कि आपका बच्चा क्‍या चाहता है. मुझे याद है कि मैं प्लेन में खड़ी हुई और केबिन में मैंने सबको कहा,  ‘मैं लगभग 15 मिनट के लिए वॉशरूम का इस्तेमाल करने वाली हूं, और अगर कोई मुझसे पहले इसका इस्तेमाल करना चाहता है, तो कर सकता है. हर कोई जानता था कि मैं अपनी बेटी को अंदर ले जा रही थी और मैं किस विषय में बात कर रही थी.'

जब नेहा वॉशरूम में मेहर को फीड करा रहीं थी, तो वह उम्मीद कर रही थी कि सीट-बेल्ट फीड खत्म होने से पहले चेंज न हो. साइन ऑफ करने से पहले, नेहा ने इस तथ्य पर जोर दिया कि महिलाओं को कुछ करने (स्तनपान) के लिए माफी मांगने की जरूरत नहीं है

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हर साल विश्व स्तनपान सप्ताह 1 से 7 अगस्त तक मनाया जाता है, ताकि स्तनपान को प्रोत्साहित किया जा सके और दुनिया भर के शिशुओं के स्वास्थ्य में सुधार हो सके. यह सरकार के नीति निर्माताओं, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), यूनिसेफ (संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय बाल आपातकालीन कोष) और अन्य संगठनों द्वारा स्तनपान की सुरक्षा, प्रोत्साहन और समर्थन के लिए अगस्त 1990 से आयोजित किया जा रहा है. इस साल स्तनपान सप्ताह का विषय है ‘माता-पिता को सशक्‍त बनाएं, स्तनपान को सक्षम करें: आज और भविष्य के लिए!'

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