एस्पिरिन का उपयोग (Aspirin Use) करने से आंत कैंसर (Bowel Cancer) का जोखिम 27 प्रतिशत, ऑसोफेजियल कैंसर 33 प्रतिशत, पेट का कैंसर 36 प्रतिशत और गैस्ट्रिक कार्डिया 39 प्रतिशत तक कम सकता है.

एस्पिरिन आंत के कैंसर का खतरा कम कर सकती है एक नए अध्ययन में कही गई यह बात
एस्पिरिन के नियमित उपयोग से पाचन तंत्र के कैंसर के खतरे को 20 से 40 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है. यह कहाना है गुरुवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट का. इसके मुताबिक आम एनाल्जेसिक पाचन तंत्र के कैंसर यानी ट्रैक्ट कैंसर से बचाव में मददगार साबित हो सकती है. 210,000 लोगों पर हाल ही में किए गए 113 अध्ययनों की समीक्षा से यह पता चला है कि एस्पिरिन का उपयोग (Aspirin Use) करने से आंत कैंसर (Bowel Cancer) का जोखिम 27 प्रतिशत, ऑसोफेजियल कैंसर 33 प्रतिशत, पेट का कैंसर 36 प्रतिशत और गैस्ट्रिक कार्डिया 39 प्रतिशत तक कम सकता है.
अग्नाशय कैंसर, जोकि ज्यादातर मामलों में घातक ही होता है, का खतरा भी तकरीबन 25 फीसदी तक कम पाया गया. ऐसा उन लोगों में देखा गया जिन्होंने पांच साल तक एस्पिरिन का सेवन किया, बनिस्पत उनके जो इसका सेवन नहीं कर रहे थे. शोधकर्ताओं की एनल्स ऑफ ऑन्कोलॉजी में दी सूचना से पता चलता है कि अग्नाशय से जूझ रहे जिन लोगों ने एस्पिरिन का इस्तेमाल किया, उन लोगों में पांच साल के बाद कैंसर का खतरा तकरीबन 25 फीसदी कम था.
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मिलान के स्कूल ऑफ मेडिसिन में महामारी विज्ञान के एक वरिष्ठ लेखक कार्लोस ला वेचिया का कहना है कि "इन खोजों और निष्कर्षों से पता चलता है कि आंत और पाचन तंत्र के अन्य कैंसर की रोकथाम में एस्पिरिन लाभदायक हो सकती है. यूरोपीय संघ में हर साल लगभग 175,000 लोग आंत कैंसर से मरते हैं, उनमें से 100,000 लोगों की उम्र 50 से 74 के बीच होती है.
ला वेकिया का कहना है कि "अगर हम इस आयु वर्ग में एस्पिरिन का नियमित उपयोग 25 से 50 प्रतिशत बढ़ा दें, तो इसका मतलब होगा कि आंत के कैंसर से 5,000 से 7,000 लोगों को मौत से और इस बीच 12,000 से 18,000 नए मामले आने से बच सकते हैं." एस्पिरिन अक्सर 75 से कम उम्र के रोगियों के लिए पेट में रक्त स्राव के लिए दी जाती है.
पिछले एक दशक में अनुसंधान के एक महत्वपूर्ण निकाय ने दीर्घकालिक एस्पिरिन के उपयोग और विभिन्न प्रकार के कैंसर की घटनाओं में कमी के बीच एक मजबूत सांख्यिकीय लिंक स्थापित किया है, लेकिन नया अध्ययन पाचन तंत्र पर ध्यान केंद्रित करने के लिए सबसे बड़ा है.
ला वेकिया और उनके सहयोगियों द्वारा जांच किए गए ज्यादातर अध्ययनों को दिल की बीमारी को कम करने के लिए एस्पिरिन की क्षमता का परीक्षण करने के लिए डिज़ाइन किया गया था.
नई रिसर्च में सामने आया है कि लोग जितने लंबे समय तक एस्पिरिन लेते हैं या जितनी अधिक खुराक लेते हैं, कैंसर होने का खतरा उतना कम होता है. कुल मिलाकर, 75 से 100 मिलीग्राम की एक दैनिक "माइक्रो-खुराक" कैंसर की घटनाओं में 10 प्रतिशत तक कमी ला सकती है. जबकि एक दैनिक 325 मिलीग्राम की खुराक ने 35 प्रतिशत कैंसर के खतरे को कम कर सकती है. आंत के कैंसर के लिए अगर आप रोजाना एस्पिरिन का इस्तेमाल करते हैं तो एक साल बाद चार प्रतिशत, तीन साल बाद 11 प्रतिशत, पांच साल बाद 19 प्रतिशत और एक दशक के बाद 29 प्रतिशत तक कैंसर का खतरा कम हो सकता है.
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ला वेकिया ने कहा, "आंत कैंसर, या किसी अन्य कैंसर की रोकथाम के लिए एस्पिरिन का इस्तेमाल, डॉक्टर के परामर्श से किया जाना चाहिए." "जिन लोगों को बीमारी का ज्यादा जोखिम होता है उनको एस्पिरिन से ज्यादा लाभ मिल सकता है." निष्कर्ष पुरुषों और महिलाओं के लिए समान रूप से लागू होते हैं.
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