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जानिए कैसे ब्रेन डेड व्यक्ति के ऑर्गन को किया गया ट्रांसप्लांट

बर्दवान जिले के मेमारी के रहने वाले 36 वर्षीय चिन्मय घोष को एक लॉरी ने टक्कर मार दी जिसके बाद वो गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी हालत गंभीर हो गई.

जानिए कैसे ब्रेन डेड व्यक्ति के ऑर्गन को किया गया ट्रांसप्लांट

बर्दवान जिले के मेमारी के रहने वाले 36 वर्षीय चिन्मय घोष को एक लॉरी ने टक्कर मार दी जिसके बाद वो गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी हालत गंभीर हो गई. गंभीर रूप से घायल हुए चिन्मय को बर्दवान मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया जहां वो ब्रेन डेड पाए गए. वहीं इस घटना के बाद डॉक्टरों ने कहा कि चिन्मय के ब्रेन डेड होने के बाद उनके हार्ट, किडनी और  लीवर को अलग अलग अस्पतालों में चार मरीजों को ट्रांसप्लांट किया गया है.

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वहीं चिन्मय घोष की बिगड़ती हालत को देखते हुए उन्हे शहर के नीजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उन्हे ब्रेन डेड बताया गया. वहीं इस बात की जानकारी मिलने के बाद उनके परिजनों ने उनके ऑर्गन को डोनेट करने का फैसला किया. इस बात की जानकारी अस्पताल के प्रवक्ता ने दी.


चिन्मय का हार्ट दनकुनी के 25 वर्षीय युवक सुरजीत पात्रा को ट्रांसप्लांट किया गया, जिनका कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है.वहीं उनकी एक किडनी 19 साल की रूमा कुमारी धनु से ट्रांसप्लांट किया गया. इस बात की भी जानकारी अस्पताल के प्रवक्ता ने दी है.

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वहीं उनकी दूसरी किडनी शहर के 56 वर्षीय व्यक्ति से ट्रॉसप्लांट की गई, जो क्रोनिक किडनी फेलियर से पीड़ित थे. यह किडनी ट्रॉसप्लांट शहर के ईएम बायपास इलाके के एक निजी अस्पताल में किया गया था. इसके अलावा  उनका लीवर बंगाणा के रहने वाले 54 साल के बिधान से ट्रांसप्लांट की गई. यह लीवर ट्रांसप्लांट एसएसकेएम अस्पताल में हुआ. वहीं उनकी स्कीन को वहां के स्किन बैंक में रखा गया, जबकि उनके कॉर्निया को डिशा अस्पताल भेजा गया.

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इसके साथ ही कोलकाता पुलिस ने सुबह एसएसकेएम अस्पताल, कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल और दो निजी अस्पतालों में अंगों के त्वरित परिवहन के लिए अलग-अलग ग्रीन कॉरिडोर बनाए. वहीं मृतक के भाई ने कहा कि हम अपने भाई के अंगों को दान करके बहुत खुश हैं. हमें विश्वास है कि चिन्मय इस तरह से हमेशा जीवित रहेगा. उसके अंगों ने इन लोगों को नया जीवन दिया है.

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